ज्योतिष और शेयर बाज़ार

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ज्योतिष और शेयर बाज़ार का सम्बन्ध उतना ही पुराना है, जितना किसी देश का स्टॉक एक्सचेंज। जैसे ही किसी देश में स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना हुई वहां के ज्योतिष शास्त्रियों ने उसकी एक्टिविटी को ज्योतिष के आधार पर मापना शुरू कर दिया। और इसी तरह आधुनिक व्यावसायिक ज्योतिष शास्त्र (FINANCIAL ASTROLOGY) का उदगम हो गया। हालाँकि व्यावसायिक ज्योतिष शास्त्र का इतिहास इससे भी पुराना है, पहले राजाओं के समय में ज्योतिष शास्त्री राज्यों की अर्थ व्यवस्थाओं के बारे में ज्योतिष के माध्यम से आंकलन कर भविष्यवाणी करते थे और राजा उसी प्रकार निर्णय लेते थे। कई देशों में फसल की बुआई ज्योतिष के आंकलन के पर भी निर्धारित होती थी। इन्ही उदाहरणों से स्पस्ट है, कि पुरातन समय से ही व्यावसायिक ज्योतिष शास्त्र का इतिहास पुराना है। भारत में भी ज्योतिष शास्त्र का इतिहास बहुत पुराना है, हालाँकि बहुत से ज्ञानी मानते है कि ज्योतिष शास्त्र का जन्म भारत में ही हुआ था। परन्तु में उनके इस वाक्य से सहमत नहीं हूँ। इस शास्त्र का जन्म कहाँ हुआ इसे बताना और जानना असंभव है, कियोंकि हरेक देश में ज्योतिष शास्त्र है हालाँकि वह दूसरे देश से भिन्न हो सकता है परन्तु हरेक देश में ज्योतिष शास्त्र है।

यहाँ मैं आपको बताना चाहूँगा कि सम्राट अशोक के समय में भी भारत वर्ष के अन्दर मंडियों द्वारा कारोबार होता था। भारत में 1800 – 1868 की समयावधि में छोटी छोटी मंडियां लेन देन का व्यापार करती थीं, इन मंडियों में ना सिर्फ हाजिर (SPOT) बल्कि वायदा (FUTURE) का भी व्यापार होता था, इन मंडियों में चलने वाले भावों को पहले से जानने के लिए ज्योतिष शास्त्र का सहारा लिया जाता था। चूँकि इन मंडियों में केवल कमोडिटी का कारोबार होता था इसलिए इससे भारत का बड़ा जन मानस नहीं जुडा था। पर जब भारत में 1875 में एशिया का पहले स्टॉक एक्सचेंज बोम्बे स्टॉक एक्सचेंज की स्थापना हुई उसके बाद तो भारत वर्ष का बड़ा जन मानस जुड़ने लगा और व्यावसायिक ज्योतिष शास्त्र का दायरा भी बढ़ने लगा। परन्तु उस समय व्यावसायिक ज्योतिष शास्त्र का दायरा तो बढ़ा लेकिन तरीका उन्ही पुरातन ज्योतिष के आधार पर ही रहा। वहीं पश्चिमी सभ्यता में इस शास्त्र के साथ नये नये प्रयोगों ने इस शास्त्र में नए अध्याय जोड़े और साथ ही कुछ व्यक्ति विशेषों ने इसका भरपूर लाभ भी लिया।

अगर हम इतिहास के पन्नो को उठाकर देखें तो कुछ बड़े नाम विदेशी जमीनों से भारत में आये और यहाँ की पुरातन शैली पर चल रहे ज्योतिष को समझा और फिर उन्हें अपने देश में इस्तेमाल भी किया इनमे एक बड़ा नाम W.D. GANN भी था।

इस तरह से आप कह सकते है कि ज्योतिष शास्त्र का शेयर बाज़ार में बड़े पैमाने पर प्रयोग होने लगा। और आज के समय में तो दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है, जहाँ इस शास्त्र का शेयर बाज़ार में प्रयोग ना कर रहा हो बेशक उनका तरीका अलग हो सकता है। 1900 – 1990 की समयावधि में कई बड़े नामों ने इस शास्त्र को शेयर बाज़ार में ना सिर्फ इस्तेमाल किया बल्कि कई नये विचार भी इस संसार को दिए।

मैं स्व: पिछले 9 सालों से “इस विषय और शेयर बाज़ार में इसका प्रयोग” पर कार्य कर रहा हूँ इस समय के अंतराल में मैंने लगभग सभी किताबो का अध्यन किया जो इस विषय से सम्बन्ध रखती थी। इस विषय पर शायद ही कोई किताब मेरे से रही हो जिसका मैंने अध्यन ना किया हो। पिछले 6 सालों में भारतीय बाजारों में मेरे द्वारा लिखित 10 पुस्तक प्रकाशित हो चुकीं है, जिन्होंने शेयर बाज़ार में कारोबार करने वाले व्यक्तियों के मध्य बड़ी पैंठ बनाई है। ज्यादातर मेरे द्वारा लिखित किताबें ENGLISH भाषा में थी।

मेरे कुछ पाठकों ने मुझसे अनुरोध किया कि में अपनी कुछ रिसर्च को हिंदी भाषा में अनके साथ शेयर करूं। इसीलिए मैंने अपना यह ब्लॉग बनाया है। इस ब्लॉग के माध्यम से मैं अपनी रिसर्च वर्क का कुछ हिस्सा पाठकों के लिए प्रस्तुत करूँगा। मेरी कोशिश रहेगी कि मैं यहाँ इस ब्लॉग के माध्यम से अपने पाठकों को कुछ ज्ञान दे सकूँ।

इसी आशा के साथ।

कृष्णा अत्री